शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को हलका प्रभारियों और जिला प्रधानों की अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पार्टी जिला परिषद चुनावों में मिली आंशिक सफलता और मुक्तसर के माघी मेले में हुई विशाल रैली से उत्साहित होकर बुलाई जा रही है। पार्टी नेतृत्व इसे जमीनी स्तर पर संगठन की मजबूती और कैडर की वापसी के संकेत के तौर पर देख रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में जिला परिषद चुनावों के नतीजों की समीक्षा, संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने तथा आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों की रणनीति पर चर्चा होगी। मुक्तसर माघी मेले की रैली में उमड़ी भीड़ ने अकाली दल के हौसले बढ़ा दिए हैं और इसे पार्टी की सियासी वापसी की बुनियाद माना जा रहा है। सरकार के खिलाफ तैयार कर सकते हैं रणनीति इस बीच गुरु ग्रंथ साहिब के गायब स्वरूपों के मामले में सरकार की ओर से अकाली नेतृत्व को घेरने की रणनीति अब उलटी पड़ती नजर आ रही है। अकाली दल का दावा है कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है, लेकिन जनता ने इसे नकार दिया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि सरकार के आरोपों से अकाली दल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नाकाम रही है। इसी पृष्ठभूमि में अब शिरोमणि अकाली दल ने भी सरकार के खिलाफ पलटवार की तैयारी कर ली है। बैठक में सरकार की कथित विफलताओं, कानून-व्यवस्था, किसान मुद्दों और धार्मिक मामलों के राजनीतिकरण को लेकर आक्रामक रणनीति बनाने पर मंथन होने की संभावना है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में अकाली दल प्रदेशभर में आंदोलनात्मक कार्यक्रम तेज कर सकता है और सरकार को सीधे तौर पर जवाब देने की नीति अपनाई जाएगी। Post navigation हाईकोर्ट का सख्त रुख! “बीफ होने की जानकारी नहीं थी” तर्क नामंजूर, आरोपी तस्कर की जमानत याचिका खारिज। गणतंत्र दिवस 2026: पंजाब पुलिस के 24 अधिकारी कर्मचारी मुख्यमंत्री रक्षक व उत्कृष्ट पदक से सम्मानित होंगे