चंडीगढ़ को नया मेयर मिल गया है। भाजपा के सौरभ जोशी (Saurabh Joshi) पर पार्षदों ने भरोसा जताया है। इस बार आप से गठबंधन तोड़ कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशी उतारे थे। उम्मीद थी कि आखिरी समय में भाजपा की जीत को रोकने के लिए कांग्रेस और आप एक हो जाएंगे, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। भाजपा के पास अपने 18 पार्षदों का समर्थन था। भारतीय जनता पार्टी से सौरभ जोशी, आम आदमी पार्टी से योगेश ढींगरा और कांग्रेस से गुरप्रीत सिंह गाबी मैदान में थे। चंडीगढ़ नगर निगम के 35 सदस्यीय सदन में, बीजेपी के 18 पार्षद हैं, AAP के 11 और कांग्रेस के छह हैं। चंडीगढ़ के सांसद को भी 35 सदस्यीय नगर निगम के पदेन सदस्य के रूप में वोट देने का अधिकार है। कांग्रेस के मौजूदा सांसद मनीष तिवारी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह गाबी के समर्थन में हाथ उठाया। चुनाव पहले की गुप्त मतदान की प्रथा के बजाय हाथ उठाकर करवाए गए। हाथ उठाने के बाद, पार्षदों ने मौखिक रूप से भी पुष्टि की। मनोनीत पार्षद रमनीक सिंह बेदी को चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया था। किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले? भारतीय जनता पार्टी के सौरभ को 18 वोट मिले आम आदमी पार्टी के योगेश को 11 वोट मिले कांग्रेस प्रत्याशी गुरप्रीत को सात वोट बीजेपी के जसमन सिंह बने सीनियर डिप्टी मेयर वहीं, भाजपा के जसमान सिंह सीनियर डिप्टी मेयर बने हैं। उन्हें 18 वोट मिले हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के सीनियर डिप्टी मेयर प्रत्याशी मुन्नवर खान को 11 वोट मिले हैं। कांग्रेस के सचिन गालव का नाम दो बार पुकारा गया। लेकिन कांग्रेस पार्षद सदन में नहीं है। पहले मेयर चुनाव के बाद सदन छोड़ जा चुके हैं। सुमन शर्मा बनीं डिप्टी मेयर भाजपा की सुमन शर्मा डिप्टी मेयर बनी। उन्हें 18 वोट मिले हैं। सुमन चुनाव से कुछ दिन पहले ही आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में आई थीं। आम आदमी पार्टी के जसविंदर कौर को 11 मत मिले, जबकि कांग्रेस की निर्मला देवी को कोई वोट नहीं मिला। Post navigation पुलिस वर्दी में आए बदमाश ने चंडीगढ़ सीटीयू कैश ब्रांच से 14 लाख की लूट को अंजाम दिया। CCTV के आधार पर आरोपी की तलाश जारी। बजट सत्र में अमृतपाल सिंह की एंट्री नहीं। पंजाब सरकार बोली— रिहाई से राज्य की सुरक्षा को खतरा।