पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने माछीवाड़ा स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल के अचानक निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर खामियों के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई विद्यार्थी अभी भी बुनियादी शिक्षा में कमजोर हैं, जबकि स्कूल प्रबंधन की ओर से अपेक्षित स्तर की निगरानी नहीं की जा रही थी। इस पर शिक्षा मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें बीआरसी, मुख्य अध्यापक, एक एसोसिएट अध्यापक, तीन ईटीटी अध्यापक और एक आईईटी अध्यापक शामिल हैं।बैंस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भगवंत मान सरकार के लिए शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाई गई है। छोटी-छोटी गलतियां भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं उन्होंने कहा छोटी से छोटी गलती भी बच्चों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। कक्षा में दी जाने वाली शिक्षा ही उनके जीवन की दिशा तय करती है, इसलिए किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है, जिसमें छात्रों की उपस्थिति, शैक्षणिक स्तर, मिड-डे मील और बुनियादी ढांचे की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। इन दौरों का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। शिक्षा मंत्री ने दौरे का वीडियो सांझा किया शिक्षा मंत्री ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपने दौरे का वीडियो साझा करते हुए कहा कि माछीवाड़ा साहिब के स्कूलों में शिक्षा की स्थिति का गहन मूल्यांकन किया गया है और जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने दोहराया कि विद्यार्थियों की शिक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। Post navigation Beant Singh की हत्या के दोषी Jagtar Singh Tara ने तिहाड़ जेल ट्रांसफर की मांग की। याचिका पर Supreme Court of India ने सुनवाई के दौरान अपना रुख स्पष्ट किया। 9 नगर निगम और 100 से अधिक नगर परिषदों के चुनाव फिलहाल अटके। हाईकोर्ट ने अधिसूचना पर रोक बढ़ाई, केंद्र सरकार के जवाब का इंतजार।