अमृतसर के श्री रामतीर्थ स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ में लंबे समय से रुके विकास कार्यों को लेकर संत समाज और श्रद्धालुओं में गहरा रोष बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में आयोजित एक विशेष बैठक में संतों ने सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द विकास कार्य शुरू नहीं किए गए तो 2 अप्रैल को भंडारी पुल जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

संत समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि अमृतसर शहर से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। मान्यता है कि यहां माता सीता की तपोभूमि और लव-कुश की जन्मभूमि स्थित है। इसी कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं।

2016 में पूर्व सीएम बादल ने करवाया था निर्माण

संतों ने बताया कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में लगभग तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से वाल्मीकि तीर्थ परिसर का निर्माण करवाकर श्रद्धालुओं को समर्पित किया गया था। उस समय इसे धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन इसके बाद से परिसर की देखभाल और मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

संत समाज का कहना है कि परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस अड्डा, भोजनालय और अन्य भवनों के पत्थर भी कई जगहों से गिरने लगे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

सरोवर फिल्ट्रेशन प्लांट एक साल से बंद

इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए चौरासी कमरों वाले सराय भवन का निर्माण कार्य अभी तक पूरी तरह पूरा नहीं किया गया है। वहीं सरोवर के पानी को स्वच्छ रखने के लिए लगाया गया जल शुद्धिकरण संयंत्र भी पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा हुआ है।

धार्मिक मंदिर धूना साहिब न्यास के गद्दीनशीन संत मलकीत नाथ ने बताया कि इस संबंध में अमृतसर के उपायुक्त को अब तक चौदह मांग पत्र सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि परिक्रमा की रेलिंग कई स्थानों से गायब हो चुकी हैं और कुछ दुकानदार परिक्रमा के भीतर सामान बेचकर धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं।

संत मलकीत नाथ ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द विकास और मरम्मत कार्य शुरू नहीं किए तो वाल्मीकि समाज और संत समाज के लोग 2 अप्रैल को भंडारी पुल जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे और भूख हड़ताल भी करेंगे।

वहीं भगवान वाल्मीकि श्रायन बोर्ड के महाप्रबंधक मधुर भाटिया ने बताया कि तीर्थ परिसर के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उपायुक्त की स्वीकृति मिलते ही जल्द ही आवश्यक कार्य शुरू कर दिए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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