विदेश में बैठकर पंजाब में गैंग चला रहे गैंग्सटरों के खिलाफ पंजाब पुलिस ने निर्णायक जंग छेड़ दी है। इस बार पुलिस के निशाने पर केवल ये गैंग्सटर ही नहीं बल्कि उनकी विदेश में बनाई गई संपत्ति भी है। पंजाब पुलिस पहली बार इंटरपोल से ऐसे गैंग्सटरों के खिलाफ ‘सिल्वर नोटिस’ जारी करवाने की प्रक्रिया में जुटी है, ताकि उनकी विदेश में चल-अचल संपत्ति को फ्रीज किया जा सके। ऐसा होने से गैंग्सटर न तो वसूली कर विदेश में अपनी संपत्ति बना पाएंगे और न ही पंजाब में अपने गुर्गों की आर्थिक मदद कर पाएंगे। पंजाब पुलिस के ब्यूरो आफ इंवेस्टिगेशन (बीओआइ) के वरिष्ठ अधिकारी एलके यादव के मुताबिक, जैसे भारत में मनी लान्ड्रिंग या ड्रग्स से जुड़े मामलों में संपत्ति जब्त की जाती है, वैसे ही अब विदेश में भी यही कार्रवाई संभव होगी। इसके लिए भारत की ओर से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो इंटरपोल से संपर्क कर संबंधित देशों से सहयोग लेगी। पुलिस के अनुसार, हाल ही में 61 ऐसे सबसे सक्रिय गैंग्सटरों की पहचान की गई है, जो विदेश से बैठकर पंजाब में रंगदारी, टारगेट किलिंग और आपराधिक नेटवर्क चला रहे हैं। इनमें से 38 के खिलाफ पहले ही प्रत्यर्पण (एक्सट्रडिशन) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब अगला कदम उनको आर्थिक मदद को तोड़ना है। पुलिस का मानना है कि विदेशों में बैठे अपराधी अक्सर ड्रग तस्करी, हथियारों की सप्लाई और हवाला नेटवर्क से पैसा कमाकर भारत में हिंसा फैलाते हैं। सिल्वर नोटिस के जरिए यही पैसा जब्त कर लिया गया तो गैंग्सटररों का नेटवर्क अपने आप कमजोर पड़ जाएगा। सिल्वर नोटिस क्या है ? इंटरपोल ने जनवरी 2025 से सिल्वर नोटिस जारी करने की शुरुआत की थी। इसे बेहद असरदार हथियार माना जा रहा है। यह नोटिस किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए नहीं, बल्कि उसकी संपत्तियों की पहचान, निगरानी और जब्ती के लिए जारी किया जाता है। इसमें बैंक खाते, लग्जरी वाहन, प्रापर्टी और बिजनेस तक शामिल होते हैं। यानी अपराधी चाहे दुनिया के किसी भी कोने में बैठा हो, उसकी कमाई सुरक्षित नहीं रहेगी। पहला नोटिस इटली के एक कुख्यात माफिया सरगना की संपत्तियों को जब्त करने के लिए निकाला गया था। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 2025 के मध्य तक 50 से ज्यादा ऐसे नोटिस जारी किए जा चुके हैं। क्या होता है रेड कॉर्नर नोटिस रेड कार्नर नोटिस (आरसीएन) इंटरपोल के जरिए सदस्य 915 देशों को एक गंभीर अपराधी या भगोड़े को खोजने, उसे हिरासत में लेने या प्रत्यर्पण की कार्रवाई होने तक अस्थाई रूप से गिरफ्तार करने के लिए दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से की गई एक अपील है। यह अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं है। ब्लू कार्नर नोटिस (बीसीएन) इंटरपोल की ओर से जारी एक अंतरराष्ट्रीय चेतावनी है, जिसका उद्देश्य किसी आपराधिक जांच के सिलसिले में संदिग्ध व्यक्ति की पहचान, स्थान या गतिविधियों के बारे में जानकारी एकत्र करना है। यह गिरफ्तारी का वारंट नहीं है, बल्कि एक जांच नोटिस है, जो सदस्य देशों की पुलिस को संदिग्ध व्यक्ति का पता लगाने में मदद करता है। Post navigation केंद्र सरकार की ‘पीएम-आशा’ योजना को पंजाब सरकार ने राज्य में लागू करने से इनकार कर दिया। फैसले के बाद सियासी हलचल तेज।