वीरवार को बिक्रम सिंह मजीठिया की पत्नी गनीव कौर और वकील डीएस सोबती ने जिला जेल नाभा में उनसे मुलाकात की। जेल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए गनीव कौर ने बिक्रम मजीठिया से हुई मुलाकात के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार दादागिरी कर रही है। पंजाब सरकार ने सभी फंडामेंटल राइट्स और ह्यूमन राइट्स का उल्लंघन किया है।

गनीव कौर ने कहा कि पंजाब की जेलों में अब तक कितने मर्डर हुए हैं, सभी जानते हैं। सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी सुरक्षा हटाने की वजह से हुई थी। अब उन्हें डर है कि कहीं प्रशासन विक्रम मजीठिया को कुछ करेंगे।  बब्बर खालसा इंटरनेशनल से मिली धमकी के बारे में पूछे, सवाल का जवाब देते हुए गनीव कौर ने कहा कि सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। अब तो हाई कोर्ट से भी आदेश जारी हो गए हैं।

गनीव ने कहा कि वह हाई कोर्ट की बहुत शुक्रगुजार हैं। इस मामले पर ध्यान दिया और पंजाब सरकार की मंशा आपके सामने लाई। उनसे सुरक्षा को लेकर हाई कोर्ट में एक पिटीशन भी फाइल की थी, लेकिन अब तक सरकार ने पिटीशन का कोई जवाब नहीं दिया है और न ही कोई सही दिशा निर्देश दिए हैं।अगर अकाली दल के किसी भी व्यक्ति को कुछ होता है, तो पंजाब सरकार को कोई परवाह नहीं है।

कुछ हुआ तो जिम्मेदारी सरकार की होगी

बैरक बदलने के बारे में पूछने पर गनीव कौर ने कहा कि उन्होंने बिक्रम मजीठिया से बात की है। उनकी मां हैं, उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। अगर मजीठिया साहब को कुछ होता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी पंजाब सरकार, डीजीपी, एडीजीपी जेल और सुपरिटेंडेंट नाभा जेल की होगी। 

मजीठिया की वीडियो प्राइवेट लोगों तक पहुंच रहीं

एडवोकेट डीएस सोबती ने कहा कि विक्रम मजीठिया की हर हरकत पर कैमरों से नजर रखी जा रही है। वह जो कुछ भी करते हैं, जेल प्रशासन उसे प्राइवेट लोगों को दिखाता है और केजरीवाल को खुश किया जाता है। उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति के लिए जेल के अंदर जेल बना दी है जो खतरे में है।

उनकी हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। इन बातों से विक्रम सिंह मजीठिया का हौसला कम नहीं होता। सरकार ने उन्हें उनके परिवार से मिलने से रोकने की पूरी कोशिश की। लेकिन वह हाई कोर्ट का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने उन्हें उनसे मिलने दिया। आज उन्हें डिप्टी सुपरिटेंडेंट नाभा जेल के ऑफिस ले जाया गया और उनके समय में डीआईजी जेल अंदर आए।

वह जेल के सुपरिंटेंडेंट इंद्रजीत सिंह काहलों से पूछना चाहते हैं कि उन्होंने किसके आदेश पर उस कमरे में कैमरा लगाने को कहा था जहां उनकी मीटिंग होती थी। यह कैमरा पहले नहीं था, आज लगाया गया है। बिक्रम सिंह मजीठिया को सिक्योरिटी के नाम पर और भी परेशान किया जा रहा है, उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है। विक्रम सिंह मजीठिया अपनी सुरक्षा के बारे में खुलकर बात नहीं कर सकते।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed