सेक्टर-34 थाना क्षेत्र में 19 अगस्त 2025 को दर्ज बीफ से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी नूर मोहम्मद को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणियां की हैं और कहा है कि याचिकाकर्ता की दलीलें प्रथम दृष्टया स्वीकार योग्य नहीं हैं। कोर्ट के आदेश के अनुसार 19 अगस्त 2025 को पुलिस ने सेक्टर-34 क्षेत्र में एक्टिवा सवार एक व्यक्ति नूर मोहम्मद को रोका था। तलाशी के दौरान उसके पास से करीब 50 किलो संदिग्ध मांस बरामद हुआ। आरोपी मांस से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिसके चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बरामद मांस के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। बाद में लैब से आई रिपोर्ट में पुष्टि हो गई कि बरामद मांस बीफ था। इसके बाद पुलिस ने पंजाब प्रोविजन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए केस में धारा 155 जोड़ दी। कोर्ट के आदेश के अनुसार, इस अधिनियम के तहत आरोपी को नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसके जवाब में आरोपी ने अदालत का रुख करते हुए अंतरिम जमानत की मांग कर दी। यह याचिका एडिशनल सेशन जज द्वारा खारिज कर दी गई। इसके बाद आरोपी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की, लेकिन हाईकोर्ट ने भी उसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह तर्क कि आरोपी को मांस के बीफ होने की जानकारी नहीं थी, महज जिम्मेदारी से बचने का अंतिम समय का प्रयास प्रतीत होता है। सरकारी पक्ष की और शिकायतकर्ता के तरफ से अधिवक्ता सुशांत गुप्ता और अधिवक्ता देविंद्र राजपूत ओर से दलील दी गई कि गाय हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में पूजनीय है और ऐसे कृत्यों से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। साथ ही आशंका जताई गई कि आरोपी बीफ की अवैध बिक्री से जुड़े किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जिसकी तह तक जाने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अदालत ने माना कि यदि ऐसे मामलों पर सख्ती न बरती गई तो इससे सार्वजनिक व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अग्रिम जमानत एक असाधारण राहत है, जिसे नियमित रूप से नहीं दिया जा सकता। इन्हीं तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर आरोपी की याचिका खारिज कर दी गई। Post navigation पंजाब कांग्रेस चीफ को लेकर रस्साकशी, प्रधानगी से CM दावेदारी होगी मजबूत। अकाली दल प्रधान कल हलका प्रभारियों से करेंगे बातचीत, बेअदबी मामले पर रणनीति बनाने के संकेत।