पंजाब विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान गुरुवार को देश की विदेश नीति को लेकर पेश निंदा प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए। बहस के दौरान अंतरराष्ट्रीय हालात, गैस संकट और व्यापार पर पड़ रहे असर को लेकर कई सवाल उठाए गए। पूर्व मंत्री व अजनाला से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे युद्ध के कारण भारत मुश्किल स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की विदेश नीति कमजोर हो गई है और इसका असर सीधे आम लोगों पर पड़ रहा है। धालीवाल ने कहा कि घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ सहित कई बड़े शहरों में गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर हजारों रेस्टोरेंट तीन दिन के भीतर बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में लगभग 60 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर में करीब 115 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धालीवाल ने कहा कि उन्हें यह कहते हुए दुख हो रहा है कि देश का नेतृत्व कमजोर दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब देश की विदेश नीति पर दूसरे देशों का प्रभाव बढ़ गया है और सरकार को इस बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। विदेशी उत्पाद आने से किसानों- उद्योग पर असर इस दौरान विधायक गैरी वड़िंग ने भी केंद्र सरकार के कुछ फैसलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत से बाहर जाने वाले इस्पात पर 50 प्रतिशत कर लगाए जाने से इस उद्योग पर असर पड़ेगा और स्थानीय कारोबार प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मक्की की खेती बड़े पैमाने पर होती है, जिसका उपयोग पोल्ट्री फीड में किया जाता है। यदि विदेशों से पोल्ट्री उत्पाद बड़ी मात्रा में भारत आते हैं तो इसका असर स्थानीय किसानों और उद्योग पर पड़ सकता है। विधायक विजय सिंगला ने कहा कि मौजूदा हालात में देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक फैसले के कारण भारत और एक मित्र देश के बीच दूरी बढ़ गई है। उनके अनुसार 248 तेल टैंकर रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। संतुलित नीति अपानाने की उठी मांग विधायक शैरी कलसी ने भी चर्चा के दौरान कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का मित्र देश रहा है। उन्होंने कहा कि किसी अन्य देश से संबंध खराब करने की बात नहीं है, लेकिन देश के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में कई शहरों में रसोई गैस महंगी हो गई है, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह देश को स्पष्ट बताए कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भारत की नीति और रणनीति क्या है। बहस के दौरान सत्तापक्ष के कई नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में लोगों के साथ खड़ी है और जनता की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रही है। वहीं केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने और गैस आपूर्ति तथा व्यापार से जुड़े मुद्दों पर कदम उठाने की मांग की गई। Post navigation Chandigarh में ₹116.84 करोड़ के फर्जी FD घोटाले का खुलासा हुआ है। मामले में IDFC First Bank के मैनेजर सहित कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।