सरकार ने वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों के मद्देनज़र आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर ₹10 की ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इसके लिए पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद किया है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें पिछले एक महीने में लगभग $70 प्रति बैरल से बढ़कर $122 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसके चलते दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है—दक्षिण-पूर्व एशिया में 30-50%, उत्तरी अमेरिका में लगभग 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीका में करीब 50% तक। इस समय भारत एक अपवाद के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सरकार के पास दो विकल्प थे—या तो अन्य देशों की तरह कीमतें बढ़ाकर बोझ जनता पर डाला जाए, या खुद वित्तीय दबाव सहकर लोगों को राहत दी जाए। वैश्विक महंगाई से बचाने का फैसला मोदी सरकार ने दूसरा रास्ता चुना और आम आदमी को वैश्विक महंगाई से बचाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जानते हैं कि आम लोगों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े और इस समस्या का समाधान कैसे किया जाए। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस कदम से तेल कंपनियों पर पड़ने वाला भारी नुकसान भी कम होगा, जबकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। सरकार ने अपने कर संग्रह में बड़ी कटौती करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। देश में पर्याप्त उपलब्धता के लिए लिया फैसला उन्होंने बताया कि साथ ही, डीजल पर ₹21.5 प्रति लीटर और एटीएफ पर ₹29.5 प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है, ताकि देश में इनकी पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और अंतरराष्ट्रीय कीमतों का गलत फायदा न उठाया जा सके। यह फैसला दर्शाता है कि सरकार कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी आर्थिक स्थिरता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। Post navigation Indian Army ने Verka का 125 मीट्रिक टन सूखा दूध खारिज कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए Punjab State Cooperative Milk Producers Federation (मिल्कफेड) ने जांच के आदेश दे दिए हैं।