पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच एंट्री टैक्स को लेकर विवाद अब तेज होता जा रहा है। हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब में आंदोलन उग्र रूप लेता दिखाई दे रहा है। आंदोलनकारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि अब केवल विरोध नहीं, बल्कि निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है।

नंगल में आयोजित बैठक के दौरान पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा ने बताया कि हिमाचल सरकार और पंजाब सरकार को शुक्रवार शाम तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल सरकार सीमावर्ती राज्यों पर लगाया गया एंट्री टैक्स तुरंत वापस नहीं लेती, तो पंजाब सरकार को भी जवाबी कदम उठाते हुए हिमाचल पर समान कर लागू करना चाहिए।

शनिवार 9 बजे करेंगे चक्का जाम

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें निर्धारित समय तक पूरी नहीं की गईं, तो शनिवार सुबह नौ बजे से मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग सहित पंजाब-हिमाचल सीमा पर चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने की संभावना जताई जा रही है, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।

गौरव राणा ने बताया कि इस आंदोलन में कई प्रमुख संगठन शामिल हैं, जिनमें पंजाब मोर्चा, किरती किसान मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन, जन अधिकार कल्याण समिति बहराम, आजाद टैक्सी यूनियन नूरपुर बेदी, टैक्सी यूनियन श्री आनंदपुर साहिब और ट्रांसपोर्टर व ट्रक यूनियन शामिल हैं। सभी संगठनों ने इसे आर-पार की लड़ाई करार दिया है।

कीरतपुर साहिब- मनाली नेशनल हाईवे होगा जाम

आंदोलन को लेकर संघर्ष मोर्चा ने चक्का जाम के लिए स्थान की जानकारी भी साझा कर दी है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें। आंदोलनकारियों ने क्षेत्र के लोगों और विभिन्न संगठनों से एकजुट होकर इसमें भाग लेने की अपील की है।

मौजूदा हालातों को देखते हुए प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। यदि चक्का जाम होता है तो इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और दोनों राज्यों के बीच यातायात प्रभावित हो सकता है।

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