अमृतसर से जयनगर जा रही विशेष ट्रेन संख्या 04652 में ड्यूटी के दौरान टिकट जांच स्टाफ की सतर्कता और जिम्मेदारी का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। इस ट्रेन में तैनात टिकट निरीक्षक पूजा शर्मा और शशि बाला ने समय रहते सूझबूझ दिखाते हुए एक 12 वर्षीय बच्चे को सुरक्षित उसके अभिभावकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार, टिकट जांच के दौरान दोनों स्टाफ सदस्य स्लीपर कोच में अपनी ड्यूटी निभा रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर एक ऐसे बच्चे पर पड़ी, जो अकेले यात्रा कर रहा था। बच्चे की स्थिति को देखते हुए उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने उससे बातचीत शुरू की। पूछताछ में बच्चा अपने अभिभावकों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया, जिससे मामला और गंभीर लगने लगा। अंबाला में सुरक्षित उतारा गया बच्चा स्थिति को भांपते हुए टिकट जांच स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाणिज्य नियंत्रण, फिरोजपुर को सूचना दी। अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे की योजना बनाई गई। इसके बाद बच्चे को अंबाला छावनी स्टेशन पर महिला रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों के हवाले किया गया, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके। संबंधित विभाग की निगरानी में पूरी प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक पूरा किया गया और अंततः बच्चे को उसके अभिभावकों को सकुशल सौंप दिया गया। इस दौरान सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिससे यह कार्य बिना किसी परेशानी के सफलतापूर्वक पूरा हुआ। टिकट स्टाफ की सतर्कता लाई रंग वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक बसंत कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम की सराहना करते हुए कहा कि टिकट जांच स्टाफ ने अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ किया है। उनकी तत्परता और सतर्कता रेलवे की सकारात्मक छवि को मजबूत करती है और अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का कार्य करती है। Post navigation बड़े भाई के अंतिम संस्कार के कुछ समय बाद ही छोटे भाई ने भी दम तोड़ दिया। दोनों भाइयों के गहरे लगाव ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।