पंजाब में रेल पटरियां लगातार संदिग्ध गतिविधियों के दायरे में आ रही हैं। हालिया पटियाला के राजपुरा-शंभू रेल सेक्शन पर हुए विस्फोट और मौके के पास संदिग्ध सामग्री मिलने की घटना ने इस खतरे को और गहरा कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे अलग-थलग घटना नहीं मान रहीं, बल्कि एक बड़े पैटर्न के तौर पर देख रही हैं, जिसमें रेल नेटवर्क को लगातार निशाना बनाने की कोशिशें सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार, पूर्व में भी रेलवे ट्रैक के आसपास संदिग्ध तरीके से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के मामले सामने आए थे। जांच में आशंका जताई गई थी कि इनका इस्तेमाल जासूसी और ट्रैक की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है। इसी कड़ी में हाल ही में लखनऊ एटीएस (एटीएस) की ओर से एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया गया, जो अलग-अलग इलाकों में रेलवे ट्रैक के आसपास आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां बड़े हमलों की तैयारी का हिस्सा हो सकती हैं। दो वर्षों में कई घटनाएं आईं सामने पंजाब में पिछले दो वर्षों के दौरान भी कई घटनाएं सामने आई हैं। जनवरी 2026 में सरहिंद के पास डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर (डीएफसी) ट्रैक पर धमाका हुआ, जिसमें करीब 60 फीट पटरी क्षतिग्रस्त हुई। वहीं, 2024 और 2025 में कई बार ट्रैक पर लोहे की सरिया या अन्य वस्तुएं रखकर ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिशें पकड़ी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि रेल ट्रैक, खासकर मालगाड़ियों के रूट, देश की सप्लाई चेन की रीढ़ हैं। कोयला, खाद, अनाज और औद्योगिक सामान की ढुलाई इन्हीं रास्तों से होती है। ऐसे में इन पर हमला या नुकसान पहुंचाने की कोशिश सीधे तौर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। सुरक्षा एजेंसियों को क्या है आशंका? सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, ट्रैक के आसपास जासूसी, छोटी घटनाओं के जरिए माहौल बनाना और फिर बड़े हमले की कोशिश यह एक संभावित पैटर्न हो सकता है। ऐसे इनपुट भी मिले हैं कि संवेदनशील रूट और रणनीतिक लोकेशन को चुनकर ज्यादा असर डालने की कोशिश की जाती है। फिलहाल रेलवे, आरपीएफ और राज्य पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। ट्रैक के आसपास निगरानी, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट पर खास ध्यान दिया जा रहा है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि रेल पटरियां अब सिर्फ परिवहन का जरिया नहीं रहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी हाई-रिस्क जोन बनती जा रही हैं। ऐसे में एजेंसियों के सामने चुनौती है कि इन साजिशों को समय रहते नाकाम किया जाए। Post navigation Punjab and Haryana High Court ने लिव-इन संबंध में रह रही दो युवतियों को सुरक्षा प्रदान करने के आदेश दिए। पुलिस को तुरंत सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए। Bhagwant Mann को अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान कड़ी फटकार लगाई और जमानत रद्द करने तक की चेतावनी देते हुए अंतिम चेतावनी जारी की।