पंजाब में अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्र रमदास में रावी दरिया के किनारे बीते साल बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए धुसी बांधों का विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंचकर बांधों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द मरम्मत और मजबूती का काम शुरू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। विधायक ने उन स्थानों को देखा जहां पिछले समय में आई भीषण बाढ़ के कारण बांध टूट गए थे। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान अजनाला क्षेत्र में करीब 23 बांध टूट गए थे, जिससे सीमावर्ती गांवों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। उन्होंने बताया कि रावी दरिया में पानी का बहाव तेज होने के कारण कई स्थानों पर बांध कमजोर हो गए थे और कुछ पूरी तरह टूट गए थे। इसके कारण आसपास के गांवों में खेतों और मकानों को नुकसान पहुंचा था। ऐसे में भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए इन बांधों को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। सरकार की मंजूरी के बाद जल्द तैयार होंगे बांध विधायक ने कहा कि आज विभिन्न स्थानों पर जाकर टूटे और कमजोर हो चुके बांधों की स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया गया है। संबंधित विभाग की टीम अब इन स्थानों का पूरा आकलन तैयार करेगी। इसके बाद पूरा प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा ताकि मरम्मत और मजबूती के काम के लिए मंजूरी मिल सके। उन्होंने कहा कि जैसे ही सरकार से मंजूरी मिलती है, तीन से चार महीनों के भीतर इन सभी बांधों को मजबूत करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उनका कहना था कि सीमावर्ती गांवों के लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बांध टूटे तो जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी विधायक धालीवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में लापरवाही के कारण बांध टूटते हैं और लोगों को नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह गंभीर है और बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाले समय में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। Post navigation Sri Harmandir Sahib में इजरायल-ईरान तनाव के बावजूद 24 घंटे लंगर सेवा जारी है। प्रबंधन ने गैस सप्लाई बनाए रखने की अपील की है ताकि सेवा प्रभावित न हो।