गांव आदियां में पुलिस चेक पोस्ट पर शनिवार-रविवार की रात को दो पुलिस मुलाजिमों को गोलियां मारकर शहीद कर दिया गया था। इनमें एएसआइ गुरनाम सिंह निवासी गादड़ियां और होमगार्ड जवान अशोक कुमार शामिल थे।

बलिदानी अशोक कुमार का अंतिम संस्कार सोमवार को उनके पैतृक गांव अखलासपुर में कर दिया गया था। वहीं बलिदानी गुरनाम सिंह की बेटी मनदीप कौर के विदेश से लौटने के बाद मंगलवार को उनका भी राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।

इस दौरान स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला, डीआईजी संदीप गोयल और पुलिस के अन्य उच्चाधिकारी मौजूद रहे। स्पेशल डीजीपी शुक्ला और एसपी जुगराज सिंह ने बलिदानी गुरनाम सिंह की अर्थी को कांधा दिया। बलिदानी के बेटे संदीप सिंह ने पिता की चिता को मुख्गानि दिखाई।

इस मौके पर बलिदानी की बेटी मनदीप कौर ने रुंघे लगे से कहा कि उनके पिता को आरोपितों ने धोखे से मारा है। अगर आरोपित सामने आते तो उनके पिता उनका बहादुरी से सामना करते। उन्होंने बताया कि वह शादी के बाद दस दिन पहले ही विदेश गई थी। इस बीच यह दुखद समाचार सामने आ गया। उन्हें अपने पिता की शहादत पर हमेशा गर्व रहेगा।

वहीं बलिदानी के अंतिम संस्कार पर पहुंचे स्पेशल डीजीपी शुक्ला ने कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है, जिसमें पंजाब पुलिस के दो जवान बलिदान हो गए हैं। पूरी पंजाब पुलिस दोनों परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।

दोनों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। पंजाब पुलिस दोनों के बलिदान को अंजाम तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अमन-शांति की मजबूती के लिए और काम किया जाएगा।

वह पंजाब के डीजीपी की ओर से परिवार को सांत्वना देने पहुंचे हैं। यह सारा हमारा परिवार है। उन्होंने बताया कि पुलिस की टीमें मामले को सुलझाने में जुटी हुई हैं। पुलिस के हाथ कुछ अहम तथ्य लगे हैं, जिनके बारे में जल्द ही जानकारी साझा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस एक जांबाज फोर्स है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपित पुलिस की गिरफ्त में होंगे। शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर विक्की ने कहा कि गुरदासपुर जिले ने अपनी शहादत की परंपरा को बनाए रखा है। पंजाब पुलिस चेक पोस्ट पर कायरतापूर्ण तरीके से दो पुलिस कर्मी शहीद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज हजारों लोग शहीद गुरनाम सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि देने आए हैं।

कुंवर ने कहा कि पंजाब पुलिस का इतिहास शानदार रहा है। पुलिस सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही पंजाब पुलिस दोनों शहीदों की शहादत का बदला लेगी। शहादत का बदला ही दोनों परिवारों के जख्मों को भरेगा।

ज्ञात रहे कि शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि थाना दोरांगला के तहत आते गांव आदियां की पुलिस चेक पोस्ट में दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शहीद होमगार्ड जवान अशोक कुमार निवासी अखलासपुर और एएसआइ गुरनाम सिंह निवासी गादड़ियां आदियां पुलिस चेक पोस्ट पर तैनात थे। पुलिस को वारदात की जानकारी रविवार सुबह मिली थी। पुलिस की फोरेंसिक व टेक्निकल टीमों ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे।

वारदात के बारे में सबसे पहले जानकारी गांव आदियां के सरपंच कमलजीत सिंह को मिली थी। उनके अनुसार उन्हें थाना दोरांगला के एसएचओ बनारसी दास का सुबह फोन आया था कि आदियां नाके पर तैनात मुलाजिम फोन नहीं उठा रहे।

वह सुबह करीब 8.15 बजे मौके पर पहुंचे तो एएसआइ गुरनाम सिंह ने दोनों हाथ जेबों में डाल रखे थे, सामने हीटर लगा हुआ था और पास ही कार्बाइन पड़ी हुई थी। होमगार्ड जवान अशोक कुमार रजाई में पड़ा हुआ था, जबकि मुंह बाहर था। मौके पर गोलियों के तीन-चार खोल पड़े हुए थे। एएसआइ के कान व आंख के पास गोली के निशान थे और खून निकल रहा था, जबकि दूसरे के सिर से खून बह रहा था

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