पंजाब में मोगा के मथुरा दास सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार देर रात करीब 12 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पावर सप्लाई पैनल में शॉर्ट सर्किट हो गया। बताया जा रहा है कि इमरजेंसी की छत पर रखी पानी की टंकी से पानी का रिसाव हो रहा था। यह पानी पाइप के जरिए नीचे बने बिजली सप्लाई पैनल तक पहुंच गया, जिससे अचानक स्पार्किंग शुरू हो गई और पूरी इमरजेंसी अंधेरे में डूब गई।

घटना के समय इमरजेंसी स्टाफ मरीजों को प्राथमिक उपचार देने में व्यस्त था। अचानक पैनल से चिंगारियां निकलने लगीं और बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई। अंधेरा छाते ही मरीजों और स्टाफ में दहशत का माहौल बन गया। कर्मचारियों ने तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रात में ही मरीजों को पुराने इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

लापरवाही ने मरीजों की जान जोखिम में डाली

इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छत पर रखी पानी की टंकी से लगातार लीकेज होना और उसका सीधा असर बिजली पैनल पर पड़ना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक माना जा रहा है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की लापरवाही मरीजों की जान जोखिम में डाल सकती है।

बिजली सप्लाई बाधित होने का असर अगले दिन भी देखने को मिला। वीरवार सुबह तक इमरजेंसी विभाग बंद रहा और मरीजों को पुराने वार्ड में भेजा गया। एक्स-रे मशीन बंद रहने के कारण कई मरीजों के एक्स-रे नहीं हो सके, जिससे इलाज प्रभावित हुआ।

हादसे के बाद जागा प्रशासन

उधर सीनियर मेडिकल अधिकारी डॉ. हरिंदर सिंह सूद ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और संबंधित विभाग को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या का समाधान वीरवार दोपहर तक कर दिया जाएगा। हालांकि सवाल यह है कि अगर समय रहते लीकेज को रोका जाता और बिजली पैनल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती तो यह स्थिति पैदा ही न होती। मरीजों की सुरक्षा को लेकर अब अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही पर चर्चा तेज हो गई है।

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