गुरदासपुर के गांव सरवाली में स्थित प्राइमरी स्कूल की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। शिक्षा विभाग द्वारा दिसंबर 2024 में स्कूल की पुरानी इमारत को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद से बच्चे पिछले करीब 15 महीनों से कक्षाओं के बाहर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

ग्राम पंचायत और स्थानीय लोगों ने कई बार शिक्षा विभाग से नए कमरे बनाने के लिए सहायता राशि जारी करने की मांग की, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।

गांव के सरपंच सुखविंदर सिंह गिल ने बताया कि विभाग की ओर से भवन को असुरक्षित घोषित करने के बाद बच्चों को कमरों में बैठने से रोक दिया गया था। इसके बाद से ही पंचायत द्वारा चार नए कमरे बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

विभाग को कई बार लिखे खत

उन्होंने कहा कि पंचायत ने इस संबंध में जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी गुरदासपुर, शिक्षा निदेशक पंजाब, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को कई बार पत्र लिखे हैं, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।

हालांकि शिक्षा विभाग ने स्कूल में बाथरूम बनाने के लिए 1 लाख 66 हजार रुपये की सहायता राशि जारी की है, लेकिन कक्षाओं के निर्माण के लिए अभी तक राशि नहीं मिली है। सरपंच ने कहा कि बाथरूम जरूरी है, लेकिन सबसे बड़ी जरूरत बच्चों के लिए सुरक्षित कक्षाओं की है।

उन्होंने यह भी बताया कि अब गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है, ऐसे में बच्चों को खुले में बैठकर पढ़ाई करना बेहद कठिन हो जाएगा। वहीं असुरक्षित घोषित कमरों में बैठाना भी खतरे से खाली नहीं है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

निर्माण के लिए फंड हो चुके मंजूर

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी प्राइमरी परमजीत कौर ने कहा कि स्कूल के कमरों के निर्माण के लिए 9 लाख 55 हजार रुपये मंजूर हो चुके हैं और जल्द ही यह राशि जारी कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में बाथरूम की सुविधा भी जरूरी है, इसलिए उस पर भी काम किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए जल्द से जल्द कक्षाओं के निर्माण का कार्य शुरू कराया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिल सके।

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