पंजाब के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (पीएसईआरसी) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसटीसीएल) के नए टैरिफ ऑर्डर जारी कर दिए हैं। आयोग के चेयरमैन विश्वजीत खन्ना (आईएएस सेवानिवृत्त) और सदस्यों इंजीनियर रविंदर सिंह सैनी (तकनीकी) व रवि कुमार (कानूनी) की ओर से जारी आदेशों के अनुसार नई बिजली दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होकर 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। इस बार आयोग ने बिजली दरों में समग्र रूप से कमी करते हुए राज्य के उपभोक्ताओं को करीब 7851.91 करोड़ रुपये की राहत देने का फैसला किया है। आयोग का कहना है कि पीएसपीसीएल की कार्यक्षमता में सुधार और वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह राहत संभव हो सकी है। इससे घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में कमी आएगी। आयोग के अनुसार पीएसपीसीएल ने अपने एआरआर (एनुअल रेवेन्यू रिक्वायरमेंट) में वर्ष 2026-27 तक 453 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे की बात कही थी और उसी आधार पर टैरिफ बढ़ाने का अनुरोध किया था। हालांकि आयोग ने विस्तृत जांच के बाद पाया कि वर्ष 2024-25 के ट्रू-अप और वर्ष 2026-27 के अनुमानित आंकड़ों के आधार पर 7851.91 करोड़ रुपये का सरप्लस बन रहा है। इसी कारण उपभोक्ताओं को राहत देते हुए नई दरें तय की गई हैं। नई व्यवस्था के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए दरों में कमी की गई है। उदाहरण के तौर पर 2 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन पर 300 यूनिट तक बिजली की दर 5.40 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 3.85 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। इसी तरह 300 यूनिट से अधिक खपत पर दर 7.75 रुपये से घटाकर 7.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है। छोटे उद्योगों के लिए “स्मॉल पावर” की सीमा 20 किलोवाट से बढ़ाकर 50 किलोवाट कर दी गई है, जिससे छोटे कारोबारियों को अपने काम का विस्तार करने में सुविधा मिलेगी। आयोग का कहना है कि यह कदम “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली दर घटाकर 5 रुपये प्रति केवीएएच कर दी गई है, जो देश में सबसे कम दरों में से एक बताई जा रही है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ने की उम्मीद है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल में पंजीकृत वकीलों के कोर्ट परिसर में बने चैंबरों के बिजली कनेक्शन को अब घरेलू श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसी तरह पर्यटन विभाग में पंजीकृत बीएनबी और होम-स्टे इकाइयों को भी, यदि वे बिजली का उपयोग केवल घरेलू उद्देश्यों के लिए करते हैं, तो घरेलू श्रेणी की दरों का लाभ मिलेगा। आयोग ने यह भी बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए औसत बिजली लागत (एसीओएस) 7.15 रुपये प्रति यूनिट से घटकर 6.15 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है। इससे बिजली व्यवस्था की लागत कम होने का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। कुल मिलाकर नए टैरिफ आदेश का उद्देश्य बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखते हुए आम उपभोक्ताओं, उद्योगों और व्यापारियों को राहत देना है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र दोनों को मजबूती मिल सके। नई बिजली दरों में कटौती से कितना होगा फायदा घरेलू उपभोक्ता (0–300 यूनिट)पहले: ₹5.40 प्रति यूनिटअब: ₹3.85 प्रति यूनिटकरीब 1.55 प्रति यूनिट की कमीघरेलू उपभोक्ता (300 यूनिट से ऊपर) पहले: ₹7.75 प्रति यूनिटअब: ₹7.05 प्रति यूनिटकरीब ₹0.70 प्रति यूनिट की कमी व्यावसायिक उपभोक्ता (0–500 यूनिट)पहले: ₹6.89 प्रति यूनिटअब: ₹6.10 प्रति यूनिटकरीब ₹0.79 प्रति यूनिट की कमी छोटे उद्योग (स्मॉल पावर)पहले: ₹5.82 प्रति केवीएएचअब: ₹5.70 प्रति केवीएएचकरीब ₹0.12 प्रति यूनिट की कमी बड़े उद्योग (लार्ज सप्लाई)पहले: ₹6.60–₹6.70 प्रति केवीएएचअब: ₹5.90–₹6.00 प्रति केवीएएचकरीब ₹0.70 तक की कमी ईवी चार्जिंग स्टेशनपहले: ₹6.28 प्रति केवीएएचअब: ₹5.00 प्रति केवीएएचकरीब ₹1.28 प्रति यूनिट की कमी बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति पीएसपीसीएल का मुनाफा (31 मार्च 2025 तक): ₹2634 करोड़कुल अनुमानित राजस्व (FY 2026-27): ₹52,791.41 करोड़राजस्व आवश्यकता (ARR): ₹48,996.28 करोड़ट्रू-अप के बाद सरप्लस: ₹7851.91 करोड़इसी ₹7851.91 करोड़ के सरप्लस के कारण आयोग ने बिजली दरों में कटौती करते हुए उपभोक्ताओं को राहत दी है। Post navigation फर्जी एनकाउंटर के आरोपों के बीच Punjab and Haryana High Court ने Punjab सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कस्टडी से भागने वाले मामलों का पूरा ब्योरा तलब किया है। Punjab Congress ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विधानसभा का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान Amrinder Singh Raja Warring समेत कई नेताओं को Chandigarh Police ने हिरासत में लिया।