पंजाब से पाकिस्तान पहुंची महिला सरबजीत कौर उर्फ नूर फातिमा के डिपोर्टेशन मामले में लाहौर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पाकिस्तान के गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उसे फटकार लगाई। अदालत ने स्पष्ट कहा कि दो महीने बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट पेश न करना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। जस्टिस फारूक हैदर की अदालत में सुनवाई के दौरान असिस्टेंट एडवोकेट जनरल को तलब किया गया और निर्देश दिए गए कि अगली सुनवाई तक सभी संबंधित विभागों की रिपोर्ट हर हाल में प्रस्तुत की जाए। अदालत ने 14 अप्रैल 2026 तक की समय सीमा तय करते हुए इस मामले को गंभीरता से लेने को कहा है। इससे पहले 24 मार्च को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अली चंगेजी संधू ने मानवीय आधार पर जल्द सुनवाई की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए मामले को प्राथमिकता दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रकरण में कानूनी पहलुओं के साथ-साथ मानवीय पक्ष को भी ध्यान में रखा जाएगा। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने पल्ला झाड़ा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने अपनी टिप्पणियों में कहा कि सरबजीत कौर का मामला गृह मंत्रालय से संबंधित है और इसका अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, विदेश मंत्रालय ने भी अपने पक्ष में कहा कि यह मामला गृह मंत्रालय से जुड़ा है क्योंकि विदेश मंत्रालय विदेशी मामलों से संबंधित होता है। एडवोकेट अली चंगेज़ी संधू ने यह भी बताया कि दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद गृह मंत्रालय ने अभी तक अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की है। इस पर जस्टिस फारूक हैदर ने नाराज़गी और कड़ी असंतोष जताते हुए असिस्टेंट एडवोकेट जनरल को तलब किया और सख्त निर्देश दिए कि सभी संबंधित पक्ष 14.4.2026 तक अपनी रिपोर्ट जमा करें। सिख जत्थे के साथ पहुंची थी पाकिस्तान सरबजीत कौर का मामला पिछले वर्ष नवंबर में सामने आया था, जब वह श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थी, लेकिन वापस भारत नहीं लौटी। बाद में उसके पाकिस्तान में रहने और विवाह करने की खबरें सामने आईं, जिससे मामला और जटिल हो गया। इस बीच सरबजीत के पहले पति करनैल सिंह ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी को ब्लैकमेल कर पाकिस्तान बुलाया गया और उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने अदालत से मांग की है कि सरबजीत को भारत वापस भेजा जाए और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए लाहौर हाईकोर्ट ने अब सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आने वाली सुनवाई में इस प्रकरण की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है। Post navigation Carry On Jatta 4 में सरप्राइज एंट्री—Jaswinder Bhalla देहांत के बाद भी AI अवतार में बड़े पर्दे पर नजर आएंगे और दर्शकों को हंसाते दिखेंगे।