पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति और आम आदमी पार्टी सरकार पर वादाखिलाफी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को पंजाब विधानसभा के घेराव का ऐलान किया। इसको लेकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजावड़िंग की अगुआई चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस कार्यालय में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। जब कार्यकर्ता पंजाब विधानसभा का घेराव करने के लिए आगे बढ़े, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। अमरिंदर सिंह राजावड़िंग के साथ कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। इस दौरान नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने 2022 के चुनाव में किए गए वादों को पूरा नहीं किया और प्रदेश की कानून व्यवस्था भी लगातार बिगड़ रही है। मंच से कांग्रेस के संगठन महामंत्री कैप्टन संदीप संधू ने कहा कि आज कांग्रेस विधानसभा का घेराव कर सो रही आम आदमी पार्टी सरकार को जगाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी करती है तो भी पार्टी कार्यकर्ता एकजुट रहेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इस दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी धरने में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में उठा 1000 रुपए का मुद्दा महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रधान गुरशरण कौर ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने महिलाओं से बड़ा धोखा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं किया गया। पूर्व कैबिनेट मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि कांग्रेस आज विधानसभा का घेराव इसलिए कर रही है क्योंकि आम आदमी पार्टी ने झूठे वादों के सहारे सत्ता हासिल की। उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास के बजाय केवल अपनी प्रचार-प्रसार की राजनीति की है। सांसद व पूर्व मंत्री भी प्रदर्शन में पहुंचे धरने में पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी, पूर्व मंत्री रणदीप सिंह नाभा, फिरोजपुर से सांसद शेर सिंह घुबाया और फतेहगढ़ साहिब के सांसद डॉ. अमर सिंह भी पहुंचे। रणदीप सिंह नाभा ने आरोप लगाया कि आप सरकार के कार्यकाल में पंजाब पर करीब चार लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ चुका है। पूर्व स्पीकर राणा केपी सिंह ने भी राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वहीं पूर्व मंत्री राजकुमार वेरका ने दावा किया कि गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा से भी दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है, जो कानून व्यवस्था की खराब स्थिति को दर्शाता है। Post navigation Punjab के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। 1 अप्रैल से घरेलू बिजली दरों में ₹1.55 तक की कटौती की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आएगी।