शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने गुरुवार को बड़ा फैसला लेते हुए श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह को तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त करने की घोषणा कर दी। यह निर्णय एसजीपीसी की कार्यकारिणी समिति की अमृतसर में हुई बैठक में लिया गया।

बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि समिति ने करीब एक घंटे तक पूरे मामले पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह को 72 घंटे का नोटिस जारी कर उनके द्वारा लगाए गए सार्वजनिक आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण मांगे गए थे, लेकिन निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं दिया गया।

18 फरवरी का ज्ञानी रघबीर सिंह ने एसजीपीसी पर आरोप लगाए थे।

19 फरवरी को दिया था अल्टीमेटम

इसके बाद एसजीपीसी ने 19 फरवरी को 72 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया। कमेटी का कहना था कि बिना प्रमाण सार्वजनिक आरोप लगाने से संस्था की छवि को नुकसान पहुंचता है।

दूसरी ओर, ज्ञानी रघबीर सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उन्होंने केवल धार्मिक जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास दस्तावेज मौजूद हैं और वे पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बोल रहे थे।

2025 में जत्थेदार के पद से हटाए गए थे

गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2025 में उन्हें श्री अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार पद से भी हटाया गया था। हालांकि वे तब तक हेड ग्रंथी के पद पर बने हुए थे। एसजीपीसी का कहना है कि यह फैसला संस्था के नियमों और अनुशासन के तहत लिया गया है। इस निर्णय के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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