ईरान और इजराइल के बीच चल रहे विध्वंसक युद्ध का प्रभाव घरेलू व कामर्शियल गैस पर पड़ने लगा है। एक तरफ जहां गैस एजेंसी के बाहर लोगों की भीड़ झुकने लगी है वहीं गैस एजेंसी धारकों ने कस्टमर केयर का नंबर तक भी बंद कर दिया है। इसी मध्य श्री हरिमंदिर साहिब में चलने वाला लंगर 24 घंटे संगत के लिए उपलब्ध है।

गैस सिलेंडर की कीमत के बीच पवित्र परंपरा को निर्बाध बनाए रखने के लिए श्री हरि मंदिर साहिब प्रबंधन ने केंद्र सरकार से अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते इजरायल–ईरान तनाव के बावजूद लंगर के लिए गैस की सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर जारी रखा जाए। दरअसल, हाल के दिनों में मध्य-पूर्व में बन रहे तनावपूर्ण हालात के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इसी पृष्ठभूमि में दरबार साहिब प्रबंधन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाया है कि श्री गुरु रामदास जी के लंगर की सेवा किसी भी परिस्थिति में प्रभावित न हो।

दुनिया की सबसे बड़ी सामुदायिक रसोइयों में से एक

दरबार साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह धंगेरा ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब में चलने वाला लंगर दुनिया की सबसे बड़ी और निरंतर चलने वाली सामुदायिक रसोइयों में से एक है। यहां प्रतिदिन देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु लंगर का प्रसाद ग्रहण करते हैं।

उन्होंने कहा कि फिलहाल गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और लंगर सेवा बिना किसी रुकावट के चल रही है, लेकिन भविष्य में किसी भी संभावित स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार को पहले ही अवगत कराया गया है।

अधिकतर काम गैस पाइपलाइन से जुड़ा

लंगर तैयार करने का अधिकांश कार्य गैस पाइपलाइन के माध्यम से किया जाता है। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों के लिए करीब 25 से 30 गैस सिलेंडर भी हमेशा रिजर्व रखे जाते हैं, ताकि किसी भी स्थिति में लंगर सेवा प्रभावित न हो। प्रतिदिन 1300 यूनिट गैस खर्च होती है।

यहां हजारों की संख्या में संगत सेवा भावना से आकर रोटियां बनाते हैं, सब्जी तैयार करते हैं और संगत को प्रसाद परोसते हैं। यही कारण है कि यह लंगर केवल भोजन देने का स्थान नहीं, बल्कि सेवा और भाईचारे की मिसाल माना जाता है।

आज तक हर परिस्थिति में चलता रहा लंगर

इतिहास गवाह है कि श्री गुरु रामदास जी का लंगर हर परिस्थिति में चलता रहा है। प्राकृतिक आपदाएं हों, राजनीतिक उतार-चढ़ाव या वैश्विक संकटलंगर सेवा कभी नहीं रुकी। संगत की सेवा को सर्वोपरि मानते हुए प्रबंधन हमेशा यह प्रयास करता है कि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

भगवत सिंह के अनुसार लंगर सेवा सिख परंपरा की आत्मा है। यहां अमीर-गरीब, जाति-पात और धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर हर व्यक्ति एक ही पंगत में बैठकर भोजन करता है। यही संदेश गुरु घर से पूरी दुनिया को मिलता है।

इसी भावना को कायम रखते हुए प्रबंधन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ता है तो भी श्री गुरु रामदास जी के लंगर के लिए गैस सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए, ताकि सदियों से चली आ रही यह महान सेवा बिना किसी बाधा के निरंतर जारी रह सके।

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