पंजाब के नौ नगर निगमों और 102 नगर काउंसिलों के चुनाव मई के अंत या जून के पहले हफ्ते में करवाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं हालांकि अभी इस बात की आशंका भी है कि राज्य सरकार इन चुनाव को करवाने के मूड में है। इन 9 नगर निगमों और 102 नगर काउंसिलों की अवधि अलग अलग दिनों में खत्म हो रही है।

स्थानीय निकाय विभाग ने एक अधिसूचना जारी करके कहा है कि जिन नगर निगमों के हाउस की अवधि जिस दिन से समाप्त हो रही है उसके अगले दिन वहां पर प्रशासक नियुक्त किया जाए। नगर निगम अबोहर की अवधि आठ अप्रैल, मोहाली, होशियारपुर और बठिंडा की 11 अप्रैल,बरनाला की 14 अप्रैल, बटाला की 18 अप्रैल, पठानकोट की 28 अप्रैल, मोगा की 12 मई और कोटकपूरा की छह जून को समाप्त हो रही है।

इन नगर निगमों में डीलिमिटेशन के लिए आए ऐतराजों को सुनकर विभाग इनमें नए सिरे से आरक्षण करने की फाइल सरकार को भेजेगा और उसके बाद राज्य चुनाव आयोग को चुनाव करवाने के लिए कह दिया जाएगा। चुनाव की अंतिम तारीखें चुनाव आयोग को निर्धारित करनी हैं।

जनगणना के कारण आ सकती है दिक्कतें

हालांकि राज्य चुनाव आयोग के लिए चुनाव करवाना इतना आसान भी नहीं दिखाई दे रहा क्योंकि इन्हीं दिनों में जहां जनगणना का पहला चरण शुरू होना है वहीं , सरकार ने भी ड्रग्स सेंसस और सोशियो इक्नामिक सर्वे करवाने का काम शुरू करना है। यानी जिन लोगों को चुनाव करवाने हैं उन्हीं के पास जनगणना और ड्रग सेंसस का काम भी होगा।

इसी बीच हाई कोर्ट ने पिछले दिनों उन तमाम याचिकाओं को खारिज कर दिया जिसमें वार्डों डीलिमिटेशन को लेकर विभिन्न याचिकाएं दायर की हुई थीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि वार्डों का डिलीमिटेशन एक विधायी कार्य है, जिसे केवल इस आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता कि याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों को विस्तार से स्वीकार या अस्वीकार नहीं किया गया।

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