शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की एक अहम बैठक सोमवार दोपहर को कार्यालय में आयोजित की गई, जिसकी अगुआई हरजिंदर सिंह धामी ने की। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान भाई बलवंत सिंह राजोआना के मामले को प्रमुखता से उठाया गया। प्रधान धामी ने बताया कि उनकी मौत की सजा को कम करवाने के लिए एसजीपीसी ने करीब 14 वर्ष पहले श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देश पर याचिका दायर की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इस मामले में कोई सकारात्मक रुख नहीं अपनाया। उन्होंने कहा कि यह रवैया सिख भावनाओं को आहत करने वाला है और इससे अल्पसंख्यकों के प्रति सरकार की सोच भी उजागर होती है। इसके अलावा बैठक में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप धामी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ भेदभाव कर रही है और राज्य के जल संसाधनों पर अनुचित तरीके से नियंत्रण करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब के पानी पर पहला अधिकार राज्य के लोगों का है और इस संबंध में किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में भगत रविदास जी की 650वीं जन्म शताब्दी को भव्य रूप से मनाने के लिए एक उपसमिति गठित करने को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही गुरुद्वारा साहिब से जुड़े विभिन्न मामलों और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह भी पढ़ें- अमृतसर जेल के अंदर से वायरल हुआ वीडियो, कैदियों ने लगाए पिटाई और पैसों की मांग के गंभीर आरोप जान गंवाने वाले तीर्थयात्रियों के परिवारों की सहयता धामी ने यह भी घोषणा की कि श्री आनंदपुर साहिब में खालसा सजना दिवस बैसाखी समारोह से लौटते समय हादसे में जान गंवाने वाले तीर्थयात्रियों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क, कनिष्ठ उपाध्यक्ष बलदेव सिंह कल्याण, महासचिव शेर सिंह मंडवाला, मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मनन सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक में लिए गए फैसलों को लेकर आने वाले समय में आगे की रणनीति तय की जाएगी। Post navigation Navjot Kaur Sidhu का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ‘पागल’ कहे जाने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी और Sukhbir Singh Badal को खुली चुनौती दी।